ईद-ए-मिलादुन्नबी के त्योहार पर चरचा में निकला भव्य जुलूस, गूंजे धार्मिक नारे,
चरचा, कोरिया छत्तीसगढ़ से प्रभात दास की रिपोर्ट, जुलूस मे सैकड़ों की संख्या में शामिल हुए महिला-पुरुष, बच्चे, युवा और बुजुर्ग — जगह-जगह हुआ स्वागत, बांटे गए नाश्ता-मिठाई और शीतल पेय
पैगाबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को नगर पालिका शिवपुर-चरचा क्षेत्र में ईद-ए-मिलादुन्नबी का पर्व धार्मिक श्रद्धा, उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समाज की ओर से भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। जुलूस के दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक नारों की आवाजों से गूंजता रहा। आयोजन में उत्साह के साथ शांति, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द की झलक भी देखने को मिली।
जामा मस्जिद से शुरू हुआ जुलूस
ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर सुबह से ही नगर पालिका शिवपुर-चरचा स्थित जामा मस्जिद में मुस्लिम समाज के लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। देखते ही देखते मस्जिद परिसर में बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्रित हो गए। इसके बाद सभी लोग जुलूस के रूप में जामा मस्जिद से रवाना हुए।
जुलूस में आकर्षक ढंग से सजाए गए वाहन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। वाहनों को फूलों की मालाओं और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था। एक वाहन के ऊपर ताजिया रखा गया था, जो जुलूस की शोभा बढ़ा रहा था। इसके साथ ही विभिन्न रंगों के धार्मिक झंडे और बैनर लेकर समाज के लोग जुलूस में शामिल हुए।
बच्चों और युवाओं में दिखा खासा उत्साह
जुलूस में बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाएं भी इसमें शामिल हुईं। समाज के लोग पारंपरिक पोशाक में नजर आए। जुलूस में शामिल लोगों के चेहरों पर पर्व को लेकर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। धार्मिक नारों के बीच जुलूस शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आगे बढ़ता रहा।
जामा मस्जिद से प्रारंभ हुआ जुलूस राजीव गांधी चौक होते हुए नगर के मुख्य मार्ग से आगे बढ़ा और व्हीटीसी चौक पहुंचा। यहां नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं जिला सह संयोजक अभिमन्यु मुदुली तथा पार्षद प्रदीप तिवारी ने जुलूस में शामिल मुस्लिम समाज के लोगों का हाथ मिलाकर स्वागत किया, जबकि महिलाओं का हाथ जोड़कर अभिनंदन करते हुए ईद-ए-मिलादुन्नबी की शुभकामनाएं दीं।
जगह-जगह स्वागत, नाश्ता और शीतल पेय की व्यवस्था
जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, विभिन्न स्थानों पर लोगों ने समाज के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की। व्हीटीसी चौक के बाद जुलूस आगे बढ़ा तो रास्ते में स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। नेपाल गेट स्थित महात्मा गांधी चौक के पास पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजीत लकड़ा की ओर से मुस्लिम समाज के जुलूस में शामिल लोगों के लिए नाश्ता, पानी और मिठाई की व्यवस्था की गई। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने नाश्ते का आनंद लिया।
इसके अलावा जुलूस के मार्ग में कई स्थानों पर पानी, ठंडा, नाश्ता और मिठाई सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। स्थानीय लोगों ने जुलूस का स्वागत करते हुए समाज के लोगों को ईद-ए-मिलादुन्नबी की शुभकामनाएं दीं। इससे पूरे मार्ग में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का वातावरण बना रहा।
सुभाष नगर चौक पर हुआ मिलाद और दुआ का आयोजन
जुलूस आगे बढ़ते हुए सुभाष नगर चौक पहुंचा, जहां मिलाद का आयोजन किया गया। इस दौरान पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं और उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। समाज के लोगों ने उनके जीवन और शिक्षाओं को याद करते हुए आपसी प्रेम, शांति, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
इसके बाद दुआ और मिलाद के साथ जुलूस का समापन किया गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को ईद-ए-मिलादुन्नबी की बधाई दी तथा देश और समाज में अमन-चैन, खुशहाली एवं आपसी सद्भाव की दुआ की।
पूरे दिन बना रहा उत्सव का माहौल
ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर चरचा कॉलरी क्षेत्र में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा। चरचा मस्जिद सेजुलूस निकल गया,बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों की सहभागिता ने आयोजन को भव्य रूप बना दिया। धार्मिक उत्साह के साथ निकाले गए इस जुलूस ने जहां पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को स्मरण करने का अवसर दिया, वहीं आपसी भाईचारे, शांति और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया।
पूरे आयोजन के दौरान समाज के लोगों ने अनुशासन और सौहार्द का परिचय दिया। विभिन्न समुदायों के लोगों द्वारा जुलूस का स्वागत किए जाने से चरचा क्षेत्र की सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव की तस्वीर भी सामने आई। इसी क्रम में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजीत लकड़ा ने गांधी पार्क के सामने मिष्ठानप्रिय जल सभी के लिए उपलब्ध कराया कई जगह संस्थाओं के द्वारा पानी की बोतल मिष्ठान वितरण किया गया बड़े हरशाला के साथ ईद ए, मिलाद दुन नबी का उत्सव मनाया गया














