चर्चा बचाओ मंच के आह्वान पर पूरा चर्चा क्षेत्र बंद- प्रभात दास।
चरचा कोरिया छत्तीसगढ़, कोरिया जिले के नगर पालिका शिवपुर-चरचा क्षेत्र में लंबे समय से लंबित कटघोड़ी सड़क निर्माण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। वर्षों से सड़क निर्माण की बाट जोह रहे नगरवासियों ने शुक्रवार को एकजुट होकर चरचा बंद का आह्वान किया। इस दौरान समस्त व्यापारियों ने अपनी-अपनी प्रतिष्ठानें बंद रखकर विरोध प्रदर्शन में सहभागिता निभाई।
चरचा बचाव मंच एवं व्यापारी संघ के नेतृत्व में सैकड़ों बाइक रैली निकालकर शासन-प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर कराया गया।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘पहले सड़क, फिर वोट’ का नारा प्रमुखता से गूंजता रहा। चरचा बचाव मंच द्वारा जारी पोस्टर के माध्यम से पहले ही स्पष्ट संदेश दिया गया कि जब तक चरचा-कटघोड़ी सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं होती है तब तक आगामी दिसंबर माह में होने वाले नगर पालिका चुनाव बहिष्कार
को लेकर विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों और प्रत्याशियों द्वारा विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन क्षेत्र की वर्षों पुरानी बुनियादी समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।
शुक्रवार को निकाली गई बाइक रैली में सैकड़ों की संख्या में व्यापारी, युवा एवं आम नागरिक शामिल हुए। रैली की शुरुआत चरचा के राजीव गांधी चौक से हुई, जो टीना दफाई, मुख्य मार्ग, सुभाष नगर झोपड़ी दफाई एवं रुपनगर गौरवपथ होते हुए चरचा-कटघोड़ी बंद पड़े मार्ग तक पहुंची। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर अपना समर्थन जताया। रैली के समापन अवसर पर चरचा-कटघोड़ी मार्ग सहित अन्य जगहों पर नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने सड़क की बदहाल स्थिति, क्षेत्र के विकास में आ रही बाधाओं और भविष्य की चुनौतियों को लेकर अपनी बात रखी।
कई बरसोसे अधूरी सड़क निर्माण की मांग, वन विभाग की रोक के बाद थम गया था काम
चरचा-कटघोड़ी सड़क निर्माण का मामला आज का नहीं, बल्कि करीब दो दशक पुराना बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, लगभग कई वर्ष पूर्व इस सड़क के निर्माण की पहल शुरू की गई थी, लेकिन वन विभाग की ओर से रोक लगाए जाने के बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद से ही सड़क निर्माण का मामला विभिन्न स्तरों पर लंबित बना हुआ है। चरचा बचाव मंच एवं स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव, विभागीय अड़चनों और लगातार अनदेखी के कारण आज तक इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण धरातल पर नहीं उतर पाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चरचा-कटघोड़ी मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि क्षेत्र के आवागमन, व्यापार, रोजगार और समग्र विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण माध्यम है। सड़क निर्माण नहीं होने के कारण क्षेत्रवासियों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार, सड़क की बेहतर सुविधा नहीं होने का असर स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। कई वर्ष पुरानी चर्चा खदान, भविष्य को लेकर क्षेत्रवासियों की चिंता नुक्कड़ सभा के दौरान चरचा बचाव मंच ने क्षेत्र की भविष्य की स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। मंच की ओर से बताया गया कि चरचा क्षेत्र में कोयला खदान शुरू हुए लगभग 65 वर्ष हो चुके हैं और आने वाले वर्षों में खदान के बंद होने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में क्षेत्रवासियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि खदान बंद होने के बाद चरचा के लोगों के रोजगार, व्यापार और भविष्य का क्या होगा?
मंच के सदस्यों का कहना है कि जब तक खदान संचालित है, तब तक क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां किसी न किसी रूप में चल रही हैं, लेकिन भविष्य में खदान बंद होने की स्थिति में क्षेत्र की पहचान और अस्तित्व बनाए रखने के लिए सड़क, रोजगार एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास बेहद आवश्यक है। यदि समय रहते सड़क निर्माण और विकास की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई, तो आने वाले समय में चरचा क्षेत्र के सामने अनेक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
चरचा बचाव मंच ने आगामी नगर पालिका चुनाव को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। मंच का कहना है कि चुनाव के दौरान वोट मांगने आने वाले सभी राजनीतिक दलों के नेताओं एवं प्रत्याशियों को पहले चरचा-कटघोड़ी सड़क निर्माण को लेकर अपनी स्पष्ट स्थिति बतानी होगी। केवल आश्वासन और वादों से अब क्षेत्रवासी संतुष्ट नहीं होंगे। प्रत्याशियों को यह स्पष्ट करना होगा कि सड़क निर्माण कब तक शुरू होगा और इसे पूरा करने के लिए क्या ठोस कम कढमहै देखने को मिलेगा
मंच ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं होती है, तो क्षेत्र के व्यापारी एवं नागरिक एकजुट होकर आगामी नगर पालिका चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय ले सकते हैं। मंच का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग पूरी होने और उसकी स्पष्ट समय-सीमा सामने आने के बाद ही चुनाव में भागीदारी को लेकर आगे निर्णय लिया जाएग
शुक्रवार को चरचा बंद और बाइक रैली के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों संबंधित विभागों तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस आंदोलन के जरिए लोगों ने स्पष्ट किया कि चरचा-कटघोड़ी सड़क का निर्माण अब केवल एक विकास कार्य की मांग नहीं रह गया है, बल्कि यह क्षेत्र के भविष्य, व्यापारिक गतिविधियों, आवागमन की सुविधा और स्थानीय अस्तित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन चुका है।
अब देखना होगा कि वर्षों से लंबित इस मांग पर शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग कब तक ठोस निर्णय लेते हैं तथा चरचा-कटघोड़ी सड़क निर्माण की दिशा में कब वास्तविक कार्यवाही शुरू होती है। फिलहाल चरचा के व्यापारियों और नागरिकों ने एकजुट होकर यह संदेश दे दिया है कि क्षेत्र के विकास से जुड़े इस मुद्दे को अब और अनदेखा नहीं किया जा सकता। आम नागरिकों का समर्थन भी चर्चा बचाओ मंच को मिला चर्चा बचाओ मंचन सभी के प्रति इस आंदोलन में शामिल होने पर आभार व्यक्त किया














